1 Corinthians 2
1 भाई आ बहिन सब, जखन हम अहाँ लग अएलौं, हम सुंदर-सुंदर शब्द आ पैघ ज्ञान लऽ कऽ नहि अएलौं। जे परमेश्वर कहलनि ओहे हम कहलौं।
6 जे लोक विश्वासमे पैघ भऽ गेल छथि, जखन हम हुनक संग रहैत छी तँ ज्ञानक बात करैत छी। मुदा ई एहि दुनियाक ज्ञान नहि अछि। ई एहि दुनियाक शासक सबक ज्ञान नहि अछि। ओ शासक सब आब खत्म भऽ रहल छथि।
10 परमेश्वर अपन आत्माक द्वारा हमर लेल पर्दा हटा देलखिन्ह! आत्मा हर चीजक गहिराईमे जाइत छथि। ओ परमेश्वरक गहिराईमे भीतर धरि जाइत छथि।
14 जे लोक केवल अपन प्राकृतिक स्वभाव पर चलैत अछि, ओ परमेश्वरक आत्माक दिस सँ आयल बात नहि मानत। हुनका ई मूरखता लगैत छनि! ओ एकरा एकदम नहि बुझि सकैत छथि। एकरा देखबाक लेल आत्मा ही एकटा रस्ता अछि।