1 Corinthians 10
1 भाइ आ बहिन सभ, अहाँकें ई जानब जरूरी अछि! हमर सभ पूर्वज मेघक नीचाँ चललाह। ओ सब गोटे समुद्रक पार गेलाह।
7 हुनका सभमे सँ किछु लोकक जकाँ मूर्तिक पूजा नहि करू। धर्मशास्त्र कहैत अछि, "लोक सभ खाय आ पीबाक लेल बैसल, आ फेर उठि क' नाच-गान करै लागल।"
12 तँ जँ अहाँकें लगैत अछि जे अहाँ मजबूत सँ खड़ा छी, तँ सावधान रहू! अहाँ खसि सकैत छी।
20 नहि! हम ई कहि रहल छी जे जखन आन जाति सभ मूर्तिकें बलिदान चढ़बैत अछि, तँ ओ वास्तवमे दुष्ट आत्मा सभकें बलिदान चढ़बैत अछि, परमेश्वरकें नहि। हम नहि चाहैत छी जे अहाँ सभ दुष्ट आत्मा सभक सँग सहभागी बनू!
23 "हमरा सभ काज करबाक स्वतन्त्रता अछि!" हँ। मुदा सभ काज अहाँकें लाभ नहि दैत अछि। "हमरा सभ काज करबाक स्वतन्त्रता अछि!" हँ। मुदा सभ काज आनकें मजबूत नहि करैत अछि।